आयुषमान खुराना देंगे बोल्ड सीनस वो भी “गे” बनकर

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2012 की विक्की डोनर में स्पर्म डोनेशन, 2017 की शुभ मंगल सावधान में गुप्त रोग की बात, 2018 की अंधाधुन में अंधे और उसी साल बधाई हो से बधाइयाँ बटोरने वाले आयुष्मान खुराना ने 2019 में आर्टिकल 15, ड्रीम गर्ल और बाला जैसी फ़िल्मों के साथ कमाल कर दिया.

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अब 2020 की धमाकेदार शुरुआत करने की उन्होंने ठान ली है. आयुष्मान खुराना की इस साल की पहली फ़िल्म ‘शुभ मंगल ज़्यादा सावधान’ का ट्रेलर बहार आ गया है. ट्रेलर के रिलीज़ होते ही, ये बात तय हो गई है कि आयुष्मान एक बार फिर दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार हैं.

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ट्रेलर की शुरुआत में आयुष्मान के किरदार से पूछा जाता है कि कब डिसाइड किया ”ये” बनोगे. इसके बाद आयुष्मान खुराना कहते हैं, ‘ये नहीं, गे.’

पहले सीन से ट्रेलर और फ़िल्म की कहानी समझ में आ जाती है. ‘शुभ मंगल ज़्यादा सावधान’ ऐसे रूढ़िवादी परिवार की कहानी है जो इस बात को बहुत मुश्किल से स्वीकार करेगा कि उनका बेटा समलैंगिक हैं.

फ़िल्म क्रिटिक अर्नब बनर्जी से हमने जानना चाहा कि आयुष्मान खुराना ऐसी कहानियाँ क्यों चुनते हैं?

तो उनका कहना था, ”हर एक्टर अपने शुरुआती दौर में रिस्क लेना नहीं चाहता. हर कलाकार के लिए शुरुआती 2-3 फ़िल्में चुनना एक जुए की तरह होता है. आयुष्मान खुराना की पहली फ़िल्म ‘विक्की डोनर’ ने उनके लिए कमाल कर दिया. उसके बाद शुभ मंगल सावधान ने उनकी छवि बदल के रख दी.”

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कॉमेडी के तड़के के साथ गंभीर विषयों पर फ़िल्में चुनने में महारत हासिल कर चुके आयुष्मान को क्या ऐसी कहानियाँ ख़ुद मिल जाती हैं?

अर्नब बनर्जी बताते हैं, ”फ़िल्म डायरेक्टर्स भी जान जाते हैं कि कौन सी फ़िल्म किस कलाकार के साथ सही रहेगी, बड़े प्रोडक्शन हाउसेस, बॉलीवुड के ख़ान, इनके अलावा सब ऑडिशन देते हैं, तभी पता लगता है कि कौन कितने पानी में है.”

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