सूर्य ग्रहण पूरा होने के बाद हुआ शहीद का अंतिम संस्कार, वीरांगना के चित्कारों से गूंज उठा पूरा वातावरण

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भरतपुर। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा इलाके में सोमवार-मंगलवार रात हुए बम विस्फोट में भरतपुर के रूपवास थाना क्षेत्र के गांव बरौली ब्राह्मण निवासी 22 वर्षीय सौरभ कटारा की पार्थिव देह पहुंचने के बाद पूरा गांव शहीद के जयकारों से गूंज उठा। तो वहीं शहीद के घर में कोहराम मच गया। आज सूर्य ग्रहण होने के कारण शहीद का अंतिम संस्कार रोके रखा गया। सूर्य ग्रहण पूर्ण होने के बाद ही शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद सौरभ कटारा को उनके छोटे भाई ने मुखाग्नि दी। वहीं शहीद के अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच शहीद की पत्नी वीरांगना पूनम और मां अनीता कटारा को भी शहीद की पार्थिव देह के अंतिम दर्शन कराए गए तो वहां मौजूद हर कि सी की आंखों में आंसू आ गए। पूरा वातावरण चित्कारों से गूंज उठा।

कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह भी शहीद के गांव पहुंचे और शहीद के दर्शन किए। इस बीच पूरा वातावरण शहीद के जयकारों से गूंज उठा तो युवाओं ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। आसपास के दर्जनों गांवों से ग्रामीण शहीद को अंतिम विदाई देने पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि हमें सौरभ की शहादत पर गर्व है।

शहीद की पत्नी पूनम बार-बार ससुर को फोन कर पूछ रही थी कि आज वह घर से दूर क्यों भाग रहे हैं, परिजनों ने पूनम को सौरभ की शहादत के बारे में नहीं बताया था। शहीद के पिता नरेश कटारा ने बताया कि वह खुद शहीद की मां व पत्नी को इस बारे में बताने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। १७ दिन पहले जिसकी शादी हुई उस बेटी पर क्या गुजरेगी, यह सोचकर ही सीहर उठता हूं, शहीद का सब आने के बाद वैसे ही पता चल जाएगा इसलिए घर की महिलाओं को नहीं बताया गया।

शहीद सौरभ का बुधवार को जन्मदिन था। सौरभ व उसके बड़े भाई की गत आठ दिसम्बर को ही दो सगी बहनों के साथ शादी हुई थी। घटना की सूचना परिजनों को मंगलवार दोपहर मिली, जिस पर गांव में मातम छा गया था।

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