UPSC की तैयारी छोड़ कर 26 साल की उम्र में MLA बनीं अंबा, जीत के बाद सिंधिया से पहुंची मिलने

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भोपाल/ झारखंड चुनाव के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया भी वहां चुनाव प्रचार के लिए गए थे। झारखंड में महागठबंधन की सरकार बनने जा रही है। झारखंड चुनाव के नतीजे आने के बाद एक लड़की की खूब चर्चा हो रही है। यह लड़की पहली बार विधायक बनी है, नाम अंबा प्रसाद है। राजनीति में आने से पहले अंबा दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयार करती थी।

अंबा प्रसाद झारखंड के बड़कागांव सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार थी। 26 साल की उम्र में अंबा ने चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वह झारखंड विधानसभा चुनाव में एकमात्र ऐसी उम्मीदवार हैं जो अविवाहित हैं। साथ ही झारखंड में वह सबसे कम उम्र में विधायक बनने वाली उम्मीदवार बन गई हैं। अंबा प्रसाद पिता के जेल जाने के बाद दिल्ली छोड़ हजारीबाग लौटी थी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिली
चुनाव जीतने के बाद अंबा प्रसाद गुरुवार को दिल्ली दौरे पर थे। इस दौरान वह कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया से मिलने दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंची। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अंबा प्रसाद से मिलने के बाद ट्विटर पर उनके साथ एक तस्वीर शेयर की। जिसमें सिंधिया ने लिखा कि हाल ही में संपन्न हुए झारखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी से विधायक निर्वाचित हुई 26 वर्षीय अंबा प्रसाद से दिल्ली निवास पर मुलाकात कर बधाई। UPSC की तैयारी करने वाली अंबा प्रसाद का राजनीति में प्रवेश देश के युवाओं के लिए शुभ संकेत है।

Jyotiraditya M. Scindia@JM_Scindia

हाल ही में सम्पन्न हुए झारखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी से विधायक निर्वाचित हुई 26वर्षीय अंबा प्रसाद (बड़का गांव) से दिल्ली निवास पर मुलाकात कर बधाई दी एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।UPSC की तैयारी करने वाली अंबा प्रसाद का राजनीति में प्रवेश देश के युवाओं के लिए शुभ संकेत हैI

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पिता के जेल जाने के बाद छोड़ी तैयारी
दरअसल, बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र से अंबा प्रसाद के पिता योगेंद्र साहू और मां निर्मला देवी भी विधायक रह चुकी हैं। विनोवा भावे यूनिवर्सिटी हजारीबाग से एलएलबी करने के बाद अंबा दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी करती थी। इस दौरान हजारीबाग में कफन सत्याग्रह हुआ। जिसमें उनते माता-पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इससे व्यथित अंबा हजारीबाग लौट आईं और खुद ही माता-पिता और भाई पर दर्ज मुकदमों को देखना शुरू कर दिया। फिर दिल्ली में अंबा ने अपनी समस्या को लेकर राहुल गांधी से मुलाकात की। राहुल गांधी ने कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई। जिसमें कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और सलमान खुर्शीद जैसे नेताओं ने मदद की।

राहुल गांधी के कहने पर टिकट
अंबा के पिता अभी भी जेल में हैं, मां निर्मला तड़ीपार हैं। लेकिन राहुल गांधी ने अंबा के संघर्ष को देख इस बार उन्हें चुनावी मैदान में उतारा। अंबा ने पहली ही बार में जीत हासिल कर ली। संभावना यह भी जताई जा रही है कि इस बार अंबा प्रसाद को हेमंत सोरेन के कैबिनेट में जगह भी मिल सकती है।

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